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असमय बारिश से रावण पुतलों को नुकसान, कारीगर बीमा की मांग
दिल्ली के तितारपुर में रावण पुतलों के सबसे बड़े बाजार में सोमवार की अप्रत्याशित बारिश ने कारीगरों को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है। इस मौसम में बारिश की बढ़ती घटनाओं से पुतलों को भीगने का खतरा बढ़ गया है।
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सोमवार की सुबह हुई असमय बारिश ने दिल्ली के तितारपुर इलाके में रावण पुतलों के निर्माण में लगे कारीगरों के लिए संकट का कारण बन गई है। इस क्षेत्र में रावण की मूर्तियों का सबसे बड़ा उत्पादन केंद्र है, लेकिन वर्षा से भीगे हुए पुतलों को बचाना कारीगरों के लिए चुनौती बन गया है।
पिछले पांच दशकों से इस व्यवसाय में संलग्न कारीगरों का कहना है कि नवरात्रि के मौसम में बारिश की आवृत्ति में खतरनाक वृद्धि देखी जा रही है। पुतलों का काठ और कागज जैसे पदार्थ नमी के प्रति संवेदनशील होते हैं, और अधिक वर्षा से इनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है।
इस समस्या से निपटने के लिए कारीगरों ने मांग उठाई है कि रावण पुतलों के लिए विशेष बीमा योजना शुरू की जानी चाहिए। उनका मानना है कि मौसम संबंधी जोखिमों से बचाव के लिए सरकारी सहायता और बीमा कवरेज आवश्यक हो गया है।
तितारपुर के कारीगर समुदाय का कहना है कि यदि इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो दशहरे पर पुतलों की मांग को पूरा करना मुश्किल हो सकता है और इस परंपरागत कला को भी खतरा हो सकता है।