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यूपी कोर्ट ने NSA के तहत 25 वर्षीय महिला की नजरबंदी रद्द की
उच्च न्यायालय ने आक्रिति चौधरी को 'गढ़ी हुई कहानी' बताते हुए तत्काल रिहाई का आदेश दिया है। राज्य को पांच लाख रुपये का मुआवजा भी देने का निर्देश दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय ने 25 वर्षीय आक्रिति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत नजरबंदी को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप 'गढ़ी हुई कहानी' थे और कानून के तहत उनकी गिरफ्तारी वारंट योग्य नहीं थी।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि चौधरी के खिलाफ किसी अन्य मामले में कोई गंभीर आरोप नहीं है तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। न्यायालय के इस फैसले से चौधरी को NSA की गंभीर नजरबंदी से राहत मिल गई है।
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चौधरी को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। अदालत ने माना कि अनुचित नजरबंदी के कारण चौधरी को गंभीर नुकसान हुआ है।
यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत नजरबंदी के मामलों में अदालत की कड़ी जांच को दर्शाता है। NSA एक कठोर कानून है जिसका इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर व्यक्तियों को नजरबंद करने के लिए किया जाता है।