Business · India Bureau
यूपीआई ने वित्तीय समावेशन में क्रांति लाई: पूर्व आरबीआई गवर्नर
भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ने देश के वित्तीय समावेशन में अभूतपूर्व योगदान दिया है। पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर ने इस डिजिटल भुगतान प्रणाली की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया है।
LSN India ·

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को देश के वित्तीय समावेशन का एक मुख्य चालक बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली आम जनता को डिजिटल भुगतान के दायरे में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यूपीआई प्रणाली ने भारत में लेनदेन को सरल और सुलभ बना दिया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नकदी रहित अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है। इसके माध्यम से करोड़ों भारतीयों को बैंकिंग सेवाएं मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
पूर्व आरबीआई गवर्नर के अनुसार, यूपीआई की सफलता इसकी सरलता और उपयोग में आसानी में निहित है। यह प्रौद्योगिकी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में प्रभावी साबित हुई है।
भारत में डिजिटल भुगतान के इस विस्तार ने देश की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान की है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में सहायता की है।