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यूपीआई पर MDR शुल्क: NPCI प्रमुख ने दी विस्तृत जानकारी
अगले महीने की 15 तारीख से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा। NPCI के CEO ने इस नई व्यवस्था के बारे में सभी विवरण स्पष्ट किए हैं।
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देश के डिजिटल भुगतान तंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने घोषणा की है कि अगले महीने की 15 तारीख से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से 2000 रुपये से अधिक की राशि के लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जाएगा।
NPCI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस नीति के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। यह कदम व्यापारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं के बीच लागत बंटवारे की नई व्यवस्था है। MDR एक ऐसा शुल्क होता है जो व्यापारियों को लेनदेन को संसाधित करने के लिए देना पड़ता है।
इस नए शुल्क व्यवस्था से यूपीआई के माध्यम से होने वाले डिजिटल भुगतान में बदलाव देखने को मिलेगा। छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर इसका प्रभाव भी विचार का विषय बना हुआ है। NPCI ने सभी हितधारकों को पर्याप्त सूचना देकर इस बदलाव को लागू करने की तैयारी की है।
भारत में डिजिटल भुगतान की बढ़ती स्वीकृति के बीच यह कदम भुगतान प्रणाली को और अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में है। आने वाले दिनों में इस नीति के व्यावहारिक प्रभाव के बारे में अधिक स्पष्टता आएगी।