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अक्टूबर के बाद यूपीआई लेनदेन मूल्य में 10 प्रतिशत गिरावट की संभावना
एक सर्वेक्षण के अनुसार, व्यापारियों द्वारा एमडीआर लागू करने के बाद उपभोक्ता यूपीआई से हटकर कार्ड, नकद और बैंक हस्तांतरण की ओर रुख कर सकते हैं। इससे यूपीआई लेनदेन मूल्य में 10 प्रतिशत तक की गिरावट हो सकती है।
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भारतीय डिजिटल भुगतान क्षेत्र में एक संभावित मंदी के संकेत सामने आए हैं। 15 अक्टूबर से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर न्यूनतम विनिमय दर (एमडीआर) लागू होने के बाद लेनदेन में गिरावट आने की आशंका है।
व्यावसायिक अनुसंधान संस्थान LocalCircles द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया है कि यदि व्यापारी एमडीआर लागत को उपभोक्ताओं पर डालते हैं, तो यूपीआई लेनदेन की मात्रा में 4 प्रतिशत और मूल्य में 10 प्रतिशत की गिरावट संभव है। इस स्थिति में ग्राहक वैकल्पिक भुगतान माध्यमों की ओर झुक सकते हैं।
सर्वेक्षण के निष्कर्ष बताते हैं कि यूपीआई से दूर जाने वाले उपभोक्ता क्रेडिट और डेबिट कार्ड, नकद लेनदेन तथा सीधे बैंक हस्तांतरण जैसे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। यह परिवर्तन भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर सकता है।
इस नीति से डिजिटल अर्थव्यवस्था की गति पर असर पड़ने का अनुमान है, खासकर छोटे व्यापारियों और खुदरा क्षेत्र पर। एमडीआर की खरीदारी पर वास्तविक प्रभाव आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा।