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UPSC परीक्षार्थी को 24 साल की उम्र में हार्ट अटैक, जीवनरक्षक चिकित्सा से बची जान
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सामने आया एक चिंताजनक मामला जहां एक युवा UPSC परीक्षार्थी को डबल-वेसल कोरोनरी आर्टरी डिजीज का सामना करना पड़ा। यह गंभीर हृदय रोग पारंपरिक रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में देखा जाता है।
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24 वर्षीय इस युवा को असामयिक हृदय गति रुकने का संकट झेलना पड़ा, जो उसके लिए जीवन बदलने वाला अनुभव साबित हुआ। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का एक ज्वलंत उदाहरण है।
डॉ. संजय ने इस मामले का विश्लेषण करते हुए बताया कि युवा छात्र कई सालों से सिविल सेवा परीक्षा की कठोर तैयारी में जुटा हुआ था। इस अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण वह नींद की कमी से जूझ रहा था, साथ ही उसे धूम्रपान की आदत भी थी। ये सभी कारक मिलकर इतनी कम उम्र में हृदय रोग का कारण बने।
चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए यह घटना चेतावनी है कि हृदय रोग अब सभी आयु वर्ग को प्रभावित कर सकते हैं। समय पर निदान और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के कारण इस युवा की जान बचाई जा सकी। विशेषज्ञ नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की सलाह देते हैं।