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यूपीएससी शताब्दी की ओर: जानें इसका सौ साल का सफर

भारतीय संघ लोक सेवा आयोग 2026 में अपने स्थापना के सौ साल पूरे करेगा। 1926 में शुरू हुए इस प्रतिष्ठित संस्थान के नाम और कार्यप्रणाली में कई बदलाव आए हैं।

LSN India · 1 October 2026

भारत के शीर्ष सिविल सेवा चयन निकाय यूपीएससी की स्थापना 1926 में हुई थी, जब यह वर्तमान नाम से जाना नहीं जाता था। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान स्थापित इस आयोग का मूल उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए योग्य अधिकारियों का चयन करना था। उस समय इसे विभिन्न नामों से संदर्भित किया जाता था क्योंकि भारत अभी स्वतंत्र राष्ट्र नहीं था।

स्वतंत्रता के पश्चात 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने के साथ ही इस संस्थान को यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग का वर्तमान नाम दिया गया। यह नाम संघीय ढांचे के साथ संरेखित था और भारत के सभी क्षेत्रों में सेवाओं के चयन के लिए एक राष्ट्रीय निकाय के रूप में इसकी भूमिका को दर्शाता था।

पिछले सात दशकों में यूपीएससी भारतीय प्रशासन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। इसने लाखों परीक्षार्थियों को आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त किया है। आने वाले वर्षों में इसके शताब्दी समारोह को भारतीय प्रशासनिक प्रणाली के विकास की एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाएगा।