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शहरी नियोजन में महिला-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की मांग

संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन के परामर्श में भारत में शहरी सुरक्षा के लिए महिलाओं को समान अधिकार और निर्णय लेने की शक्ति देने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों ने सुरक्षा के बजाय महिलाओं की पहुंच और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।

LSN India · 16 September 2026

शहरी नियोजन में महिला-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की मांग

भारतीय शहरों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीति निर्माताओं और शहरी नियोजकों को अपने दृष्टिकोण में बदलाव लाने की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन द्वारा आयोजित एक विस्तृत परामर्श में विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि पारंपरिक सुरक्षा-केंद्रित योजनाएं अधूरी हैं और महिलाओं को शहरी क्षेत्रों में समान अवसर नहीं देती हैं।

इस परामर्श में शामिल विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी नियोजन में महिला-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाए जाने से महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर पहुंच मिलेगी। इसका अर्थ है कि पार्क, सार्वजनिक परिवहन, बाजार और शिक्षा केंद्रों को इस तरह डिजाइन किया जाए जो महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखे। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी योजनाएं न केवल महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करती हैं बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी सशक्त बनाती हैं।

इस बदलाव के लिए शहरी नियोजकों, स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज को मिलकर काम करना होगा। महिलाओं की निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना भी इस दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन का यह परामर्श भारतीय शहरों को अधिक समावेशी और महिला-सहायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।