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पेरू में 844 मिलियन डॉलर के बंदरगाह परियोजना में भारत, अमेरिका और चीन के निवेशकों की रुचि
भारतीय, अमेरिकी और चीनी निवेशक पेरू में एक बड़ी बंदरगाह परियोजना में निवेश करने के लिए आगे आए हैं। यह बंदरगाह चीन के कोस्को शिपिंग द्वारा संचालित चांसे बंदरगाह की तुलना में अधिक गहराई वाला होगा।
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दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में एक महत्वाकांक्षी बंदरगाह विकास परियोजना में भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के निवेशक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस परियोजना का अनुमानित मूल्य 844 मिलियन डॉलर है और इसे क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है।
यह बंदरगाह परियोजना तीनों देशों के व्यापारिक हितों को प्रतिबिंबित करती है और दक्षिण अमेरिका में बढ़ती आर्थिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। प्रस्तावित बंदरगाह में चांसे की तुलना में अधिक ड्राफ्ट गहराई होगी, जिसे चीन की राजकीय शिपिंग कंपनी कोस्को शिपिंग पोर्ट्स द्वारा संचालित किया जा रहा है। चांसे बंदरगाह 2024 के अंत में अपना संचालन शुरू किया था।
यह बंदरगाह परियोजना पेरू के उत्तरी क्षेत्र में स्थित है और समुद्री व्यापार को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिक गहराई वाली सुविधा बड़े जहाजों को संभालने की क्षमता बढ़ाएगी और दक्षिण अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए एक प्रतিযोगी विकल्प प्रदान करेगी।
यह निवेश एशिया और दक्षिण अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का एक उदाहरण है। भारतीय निवेशकों की भागीदारी भारत के बढ़ते वैश्विक बुनियादी ढांचा निवेश रणनीति का हिस्सा है और यह देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क को विस्तारित करने के प्रयासों को दर्शाता है।