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दो दशक बाद इराक से अमेरिकी सेना की वापसी, ईरान की रणनीतिक जीत

अमेरिका इराक में अपनी सैन्य मौजूदगी समाप्त कर रहा है, जिसके तहत बुधवार तक सभी सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा। 21 साल तक चली इस उपस्थिति में हजारों सैनिकों की जान गई है।

LSN India · 29 September 2026

दो दशक बाद इराक से अमेरिकी सेना की वापसी, ईरान की रणनीतिक जीत

अमेरिकी सरकार इराक में अपने अंतिम सैन्य ठिकानों से सेना की वापसी की प्रक्रिया को अंतिम चरण में ला चुकी है। 2003 में शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के दो दशक बाद, वाशिंगटन ने अपनी सेनाओं को पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है। यह रणनीतिक निर्णय पिछले साल राष्ट्रपति बाइडन प्रशासन द्वारा घोषित किया गया था, जिसे वर्तमान सरकार कार्यान्वित कर रही है।

इस दीर्घकालीन सैन्य अभियान में अमेरिकी सशस्त्र बलों को भारी क्षति का सामना करना पड़ा, जिसमें 4,500 से अधिक सैनिकों की जान चली गई। इसके अलावा लाखों नागरिक भी प्रभावित हुए। अमेरिकी वापसी को लेकर क्षेत्रीय शक्तियों की प्रतिक्रिया अलग-अलग है।

ईरान और उसके समर्थक गुटों ने इस विकास को अपनी रणनीतिक जीत के रूप में प्रचारित किया है। दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी सेना की वापसी से ईरान-समर्थक सशस्त्र समूहों का प्रभाव इराक में बढ़ सकता है। इन गुटों के बढ़ते सैन्य और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।

इराकी सरकार के लिए यह परिस्थिति जटिल है, क्योंकि अमेरिकी सेना की अनुपस्थिति में देश की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। क्षेत्रीय विশेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में इराक में भू-राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है।