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भारत और चीन के H-1B वीजा धारक अमेरिकी नौकरियां ले रहे हैं: अमेरिकी सांसद
अमेरिकी कांग्रेस के एक सदस्य ने दावा किया है कि भारत और चीन से H-1B वीजा पर आए कर्मचारी अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों की जगह ले रहे हैं। यह विवाद विदेशी श्रमिक नीति को लेकर चल रही बहस को और तीव्र करता है।
LSN India ·

वाशिंगटन में एक अमेरिकी सांसद ने H-1B वीजा कार्यक्रम पर आलोचनात्मक टिप्पणी की है, जिसमें वे भारत और चीन से आने वाले पेशेवरों को अमेरिकी रोजगार बाजार से जुड़ी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सांसद का कहना है कि ये विदेशी कुशल कर्मचारी अमेरिकी नागरिकों के लिए उपलब्ध नौकरियों को भर रहे हैं।
H-1B वीजा कार्यक्रम अमेरिका में विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को काम करने की अनुमति देता है। भारत इस कार्यक्रम के तहत सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है, जहां हजारों आईटी और इंजीनियरिंग पेशेवर प्रतिवर्ष अमेरिका जाते हैं।
यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में लंबे समय से विवादास्पद रहा है। आलोचकों का तर्क है कि विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने से कंपनियां श्रम लागत में कटौती करती हैं। हालांकि, समर्थकों का मानना है कि H-1B कार्यक्रम अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए कुशल प्रतिभा लाता है।
भारतीय पेशेवर और तकनीकी क्षेत्र में भारत का योगदान अमेरिकी व्यावसायिक जगत में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बहस के बीच, विदेशी श्रमिक नीति को लेकर अमेरिकी सरकार में एक बार फिर विमर्श शुरू होने की संभावना है।