Politics · India Bureau
अमेरिकी AI चिप तस्करी मामले में ठेकेदार ने दोष स्वीकार किया
सुपर माइक्रो कंपनी के ठेकेदार टिंग-वेई सन ने 2.5 अरब डॉलर की AI चिप तस्करी के मामले में चार गंभीर आरोपों में दोष स्वीकार कर लिया है। आरोपों में अमेरिकी निर्यात नियंत्रण का उल्लंघन, तस्करी और न्याय में बाधा डालना शामिल हैं।
LSN India ·
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सन ने उच्च प्रौद्योगिकी AI चिप्स के अवैध निर्यात में अपनी भूमिका कबूल कर ली है। अभियोजकों के अनुसार इस योजना में लगभग 2.5 अरब डॉलर मूल्य की संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुएं शामिल थीं जिन्हें प्रतिबंधित बाजारों में भेजा जाना था।
सन के खिलाफ दाखिल आरोपों में अमेरिकी निर्यात नियंत्रण कानूनों का जानबूझकर उल्लंघन, अंतर्राष्ट्रीय तस्करी षड्यंत्र और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्थित तस्करी नेटवर्क अत्याधुनिक कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी को प्रतिबंधित गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए संचालित होता था।
इस मामले को अमेरिकी सरकार की तकनीकी निर्यात सुरक्षा को लेकर की गई कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की आर्थिक और रक्षा नीतियां उन्नत प्रौद्योगिकी के प्रवाह को कड़ाई से नियंत्रित करने पर केंद्रित हैं।
सन का दोष स्वीकार करना इस बड़ी तकनीकी तस्करी जांच में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है जिसमें एकाधिक देश और निजी कंपनियां शामिल हैं। सजा का निर्धारण आने वाले महीनों में न्यायालय द्वारा किया जाएगा।