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वसीयत के बिना मृत्यु: अमेरिकी अदालत ने विधवा को 23 करोड़ रुपये का आधा हिस्सा दिलाया
केंटकी की एक अपील अदालत ने एक विधवा को अपने स्वर्गीय पति के 23 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश खातों का आधा हिस्सा दिलाने का आदेश दिया है। अदालत का यह फैसला इसके बावजूद आया है कि पति की संतानें खातों के नामित लाभार्थी थे।
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केंटकी की एक उच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है जिसमें विधवा के वारिस अधिकारों को प्राथमिकता दी गई है। विलियम ई. पेरिन 2024 में वसीयत के बिना मृत्यु को प्राप्त हुए थे। अदालत ने उनकी पत्नी नैन्सी को 233 मिलियन डॉलर (लगभग 23 करोड़ रुपये) के निवेश खातों का आधा हिस्सा पाने का अधिकार दिया है।
यह निर्णय महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि पेरिन की संतानें और पोते-पोतियां इन खातों के नामित लाभार्थी थे। अदालत ने पारिवारिक कानून के सिद्धांतों को लागू करते हुए विधवा के वैध अधिकारों को संरक्षित किया।
अदालत का निर्णय विधवा के अधिकारों तक सीमित नहीं रहा। अदालत ने यह भी माना कि पेरिन की मृत्यु से कुछ समय पहले उनकी संतानों और पोते-पोतियों को दिए गए 126,000 डॉलर (लगभग 10 लाख रुपये) का आधा हिस्सा भी नैन्सी को दिया जाना चाहिए।
यह मामला विरासत और पारिवारिक संपत्ति के वितरण संबंधी कानूनों की व्याख्या में एक प्रमुख उदाहरण बन गया है। अमेरिकी राज्यों में जब कोई व्यक्ति वसीयत के बिना मृत्यु को प्राप्त होता है, तो विधवा या विधुर को आमतौर पर विशेष सुरक्षा और अधिकार दिए जाते हैं।