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अमेरिकी अदालत ने इजराइल आलोचना के लिए छात्रों को निर्वासित करने पर रोक लगाई

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के मामले में अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को इजराइल की आलोचना के लिए देश से निर्वासित नहीं किया जा सकता। यह निर्णय छात्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है।

LSN India · 29 August 2026

अमेरिकी संघीय न्यायाधीश नोएल वाइज द्वारा शुक्रवार को दिया गया यह निर्णय कैलिफोर्निया के प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्र समाचार पत्र के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल इजराइल संबंधी नीतियों की आलोचना करने के लिए आप्रवास कानूनों के तहत निर्वासित नहीं किया जा सकता।

मामले की पृष्ठभूमि में छात्र पत्रकारों की रिपोर्ट थी कि कुछ अंतरराष्ट्रीय छात्र इजराइल-संबंधी विषयों पर खुलकर बोलने से डर रहे थे। उन्हें चिंता थी कि उनकी राय उन्हें विनिर्मय कार्यवाही का सामना कर सकती है।

न्यायाधीश वाइज के निर्णय में कहा गया है कि अमेरिकी संविधान में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार छात्रों को भी प्राप्त है, चाहे वे विदेशी नागरिक हों। यह फैसला यह सुनिश्चित करता है कि राजनीतिक अभिव्यक्ति के कारण किसी को कानूनी परिणामों का सामना नहीं करना पड़े।

यह फैसला विश्वविद्यालय परिसरों में भाषण की स्वतंत्रता और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित व्यापक कानूनी वाद-विवाद के संदर्भ में आता है। अदालत के इस निर्णय के माध्यम से अमेरिकी न्यायपालिका ने संवेदनशील भू-राजनीतिक मामलों पर खुली बहस की अनुमति देने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।