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अमेरिकी सीमा एजेंटों को वारंट के बिना यात्रियों के फोन और लैपटॉप की तलाशी लेने का अधिकार

अमेरिकी न्यायाधीशों ने फैसला दिया है कि सीमा पर डिजिटल उपकरणों की तलाशी सूटकेस की जांच जैसी ही है। यह निर्णय यात्रियों की गोपनीयता संबंधी चिंताओं को लेकर विवाद को हवा देता है।

LSN India · 18 September 2026

अमेरिकी सीमा एजेंटों को वारंट के बिना यात्रियों के फोन और लैपटॉप की तलाशी लेने का अधिकार

संयुक्त राज्य अमेरिका में अदालतें यात्रियों के व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तलाशी संबंधी प्रथा को मंजूरी दे गई हैं। अमेरिकी सीमा एजेंटों को अब किसी भी यात्री के स्मार्टफोन, लैपटॉप या अन्य डिजिटल उपकरणों की तलाशी लेने की शक्ति है, भले ही उन्हें इसके लिए कानूनी वारंट न हो।

न्यायाधीशों के अनुसार, यह तलाशी प्रक्रिया सीमा पर सामान्य सुरक्षा जांच जैसी है। अदालत का मानना है कि डिजिटल उपकरणों की जांच सूटकेस या अन्य सामानों की जांच से अलग नहीं है। इस निर्णय में यह भी कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर यह जांच सार्वजनिक सुरक्षा का अभिन्न अंग है।

हालांकि, इस फैसले के बाद गोपनीयता अधिकारों को लेकर व्यापक चिंताएं उठ खड़ी हुई हैं। नागरिक स्वतंत्रता समूहों का तर्क है कि डिजिटल उपकरणों में व्यक्तिगत सूचना, संवेदनशील दस्तावेज और निजी संचार होते हैं। उनके अनुसार, बिना किसी कारण के इन उपकरणों की तलाशी लेना व्यक्तिगत गोपनीयता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

इस मुद्दे को लेकर कानूनी विशेषज्ञ भी विभाजित हैं। कुछ का मानना है कि आधुनिक समय में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसी जांच आवश्यक है, जबकि अन्य डिजिटल गोपनीयता की सुरक्षा की मांग करते हैं। भविष्य में इस विषय पर और अधिक कानूनी मामले आने की संभावना है जो इस नीति को चुनौती दे सकते हैं।