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अमेरिकी महिला की जीवनभर रहने की शर्त अदालत ने खारिज की
ओरेगन की एक महिला ने अपने दामाद को घर बेचते समय जीवनभर वहां रहने का वादा कहा था, लेकिन अपीलीय अदालत ने लिखित दस्तावेजों को महत्व दिया और उसके दावे को खारिज कर दिया।
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ओरेगन में एक विवाद का फैसला हुआ है जिसमें एक महिला और उसके दामाद के बीच संपत्ति के बारे में विरोधाभास था। महिला ने 2006 में अपने घर को दामाद को बेचा था। घर की कीमत लगभग 398,000 डॉलर थी, लेकिन उसने इसे केवल 270,000 डॉलर में बेचा।
विक्रय के समय महिला का दावा था कि दामाद ने उसे आजीवन घर में रहने का अधिकार देने का वचन दिया था। बाद में संपत्ति के कब्जे को लेकर विवाद खड़ा हुआ। जिला अदालत ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि उसे जीवनभर घर में रहने का अधिकार है।
हालांकि, ओरेगन अपीलीय अदालत ने इस फैसले को पलट दिया। अदालत ने कहा कि बिक्री के लिखित दस्तावेज़ों में पूरी संपत्ति का स्वामित्व दामाद को स्थानांतरित किया गया था। दस्तावेजों में कोई भी शर्त या जीवनभर रहने के अधिकार का उल्लेख नहीं था। अदालत ने माना कि महिला के मौखिक वादे को लिखित समझौते के खिलाफ नहीं माना जा सकता।
इस फैसले से कानूनी दक्षताओं के महत्व पर प्रकाश पड़ता है। संपत्ति की बिक्री जैसे महत्वपूर्ण लेनदेन में लिखित दस्तावेज़ ही कानूनी आधार माने जाते हैं, न कि मौखिक वादे।