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अमेरिकी अदालत ने हस्तलिखित वसीयत को खारिज किया, दीर्घकालीन साथी के विवाद में फैसला

नेब्रास्का की सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में हस्तलिखित वसीयत को अमान्य घोषित किया क्योंकि मुख्य हस्तलेख वसीयत के लेखक का नहीं था। अदालत ने 1984 की मूल वसीयत को बहाल किया जो संपत्ति को मृतक के पुत्रों को आवंटित करती है।

LSN India · 2 November 2026

अमेरिकी अदालत ने हस्तलिखित वसीयत को खारिज किया, दीर्घकालीन साथी के विवाद में फैसला

नेब्रास्का की सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी निर्णय सुनाया है जिसमें एक हस्तलिखित वसीयत को खारिज कर दिया गया है। अदालत के अनुसार, वसीयत का अधिकांश हिस्सा वसीयत के लेखक डगलस जी टॉड द्वारा नहीं बल्कि उनकी दीर्घकालीन साथी द्वारा लिखा गया था।

इस मामले में टॉड की मृत्यु के बाद उनकी दीर्घकालीन साथी ने वसीयत की वैधता को लेकर विवाद खड़ा किया था। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हुआ कि हस्तलिखित वसीयत की वैधता के लिए पूरा दस्तावेज़ वसीयत कर्ता के हाथ से लिखा होना अनिवार्य है।

अदालत के इस निर्णय के परिणामस्वरूप 1984 की मूल वसीयत को बहाल किया गया जिसमें संपत्ति का वितरण टॉड के पुत्रों को किया जाना निर्धारित है। न्यायालय ने जोर दिया कि वसीयत के वास्तविक अभिप्राय को स्पष्ट करने के लिए हस्तलिखित वसीयत संपूर्ण रूप से वसीयत कर्ता द्वारा स्वयं लिखी जानी चाहिए।

इस फैसले से यह संदेश गया है कि किसी भी तीसरे पक्ष का वसीयत में हस्तक्षेप या सहायता, चाहे वह कितनी भी घनिष्ठ व्यक्ति हो, वसीयत की वैधता को प्रभावित कर सकती है। यह निर्णय उत्तरी अमेरिका में वसीयत से संबंधित कानूनी मानदंडों को और स्पष्ट करता है।