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अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन साल बाद बढ़ाई ब्याज दरें

अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति समिति ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की है। यह कदम भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला है।

LSN India · 17 September 2026

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति (एफओएमसी) ने तीन वर्ष के अंतराल के बाद ब्याज दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह कदम मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है, जो संघीय रिजर्व के दीर्घकालीन लक्ष्य 2 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।

दर वृद्धि का यह फैसला वैश्विक अर्थव्यवस्था में नए तनाव पैदा कर सकता है। उच्च अमेरिकी दरें विकासशील बाजारों से पूंजी निकालने का दबाव बनाती हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार पर तत्काल असर पड़ सकता है। विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो में बदलाव से भारतीय स्टॉक इंडेक्स में अस्थिरता आ सकती है।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस दौर में भारतीय रुपया भी दबाव में आ सकता है क्योंकि उच्च अमेरिकी दरें डॉलर को मजबूत करती हैं। साथ ही, आयात के लिए विदेशी मुद्रा की लागत बढ़ सकती है, जिससे महंगाई प्रभावित हो सकती है।

एफओएमसी द्वारा अपेक्षा व्यक्त की गई है कि आने वाले समय में दरें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। भारत के निवेशकों और नीति निर्माताओं को इस वैश्विक परिवर्तन के प्रभावों पर सतर्क रहना होगा और अपनी रणनीति तदनुसार समायोजित करनी होगी।