LSN News › India

Politics · India Bureau

अमेरिका-ग्रीनलैंड समझौते पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर, संसद की मंजूरी जरूरी

डेनमार्क के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच समझौते पर अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान तीनों सरकारें हस्ताक्षर करेंगी। हालांकि इसे लागू करने से पहले डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों की मंजूरी आवश्यक है।

LSN India · 19 September 2026

अमेरिका-ग्रीनलैंड समझौते पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर, संसद की मंजूरी जरूरी

डेनमार्क की सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बहु-प्रतीक्षित समझौते पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडेरिकसन के कार्यालय ने बताया कि यह ऐतिहासिक समझौता संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान तीनों सरकारों द्वारा औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।

फ्रेडेरिकसन ने एक बयान में कहा कि यह समझौता "ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देता है" और दोनों लोगों के "आत्मनिर्णय के अधिकार" को बरकरार रखता है। समझौते की शर्तें क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रिक सहयोग से संबंधित हैं।

हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के लिए इस समझौते को कानूनी रूप से प्रभावी करने के लिए संसदीय अनुमोदन आवश्यक है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रक्रिया कई सप्ताह ले सकती है और दोनों संसदों में इसके बारे में विस्तृत चर्चा की उम्मीद है।

यह समझौता आर्कटिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक रुचि के बीच आता है, जहां प्रमुख शक्तियां सामरिक लाभ और प्राकृतिक संसाधनों को लेकर अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। डेनमार्क का यह कदम अटलांटिक सुरक्षा गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में है।