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H-1B वीजा शुल्क वृद्धि: नैसकॉम का भारतीय आईटी कंपनियों का पक्ष
अमेरिका ने H-1B वीजा के लिए 103,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क प्रस्तावित किया है। नैसकॉम का कहना है कि भारतीय आईटी फर्में पहले से ही विदेशी कर्मचारियों पर निर्भरता कम कर रही हैं।
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संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार को H-1B वीजा कैप के तहत आने वाली सभी आवेदनों के लिए 103,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम प्रौद्योगिकी और आईटी सेवा क्षेत्र में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती को लेकर नई चर्चा छेड़ देगा।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) ने कहा कि भारतीय आईटी कंपनियां पहले से ही H-1B वीजा पर अपनी निर्भरता को कम करने की प्रक्रिया में हैं। संगठन का तर्क है कि यह शुल्क वृद्धि भारतीय कंपनियों के उस रणनीति में संदर्भ को ढूंढता है जहां वे स्थानीय प्रतिभा और विकल्पों में अधिक निवेश कर रहे हैं।
नैसकॉम के अनुसार, भारतीय आईटी उद्योग अपनी कार्यबल संरचना में बदलाव ला रहा है और घरेलू कौशल विकास पर अधिक जोर दे रहा है। इस प्रवृत्ति के कारण, शुल्क में यह वृद्धि कंपनियों की व्यापक रणनीति के अनुरूप है, जहां वे विदेशी कार्यबल पर कम आश्रित हो रहे हैं।
यह निर्णय अमेरिका-भारत के बीच प्रवासन और रोजगार नीति के संबंध में एक महत्वपूर्ण बिंदु चिह्नित करता है, जहां भारतीय कंपनियां अपने वैश्विक संचालन को पुनर्गठित कर रही हैं।