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अमेरिका ने निर्वासन आदेश वाले हजारों बंदियों का ठिकाना छिपाया
अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने अपनी ऑनलाइन प्रणाली से हजारों बंदियों को हटाया है, जिससे वकीलों और रिश्तेदारों के लिए उन्हें खोजना असंभव हो गया है। यह कदम ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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अमेरिकी आप्रवासन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग (आईसीई) ने हजारों बंदियों के ठिकाने की जानकारी जनता से छिपा दी है। ये बंदी अंतिम निर्वासन आदेश के अधीन हैं। इस अप्रत्याशित कदम से कानूनी प्रतिनिधियों और परिवार के सदस्यों के लिए इन बंदियों को खोजना बेहद मुश्किल हो गया है।
आईसीई ने 15 सितंबर को इन बंदियों को अपनी ऑनलाइन डिटेनी लोकेटर प्रणाली से हटा दिया। तीन वर्तमान और पूर्व आईसीई अधिकारियों ने गुमनामी की शर्त पर इस बदलाव की पुष्टि की, क्योंकि उन्हें इस बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने का अधिकार नहीं है। कई वकीलों ने इस सप्ताह अपने मुवक्किलों को सिस्टम से गायब होते हुए देखा है।
अमेरिकी इमिग्रेशन वकीलों की एसोसिएशन ने शुक्रवार को अपने सदस्यों को इस स्थिति के बारे में सतर्क किया है। यह कदम पिछली प्रथाओं से एक बड़ा बदलाव है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीति की प्रकृति को दर्शाता है।
इस निर्णय के परिणामस्वरूप, हजारों बंदी अब खोजने के लिए अत्यंत कठिन हो गए हैं। इससे न केवल उनके कानूनी प्रतिनिधियों को समस्या हो रही है, बल्कि यह भी संभावना है कि बंदी अपने सभी कानूनी अधिकारों का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।