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अमेरिकी आव्रजन बैकलॉग 1.13 करोड़ तक पहुंचा, भारतीय आवेदकों के लिए चिंता बढ़ी
अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में भारी बैकलॉग के कारण प्रसंस्करण में देरी हो रही है। प्रतीक्षा समय में वृद्धि और आवेदन अस्वीकृति दर बढ़ने से भारतीय आवेदकों के सामने नई अनिश्चितता पैदा हुई है।
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अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में लंबित आवेदनों की संख्या 1.13 करोड़ तक पहुंच गई है, जो प्रसंस्करण में गंभीर विलंब का संकेत है। इस बैकलॉग के कारण पूरे देश में आवेदकों को महीनों या वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
वर्तमान परिस्थितियों में वीजा आवेदनों के अस्वीकृति की दरें भी बढ़ी हैं। यह प्रवृत्ति भारत से संयुक्त राज्य अमेरिका जाने की इच्छा रखने वाले लाखों आवेदकों के लिए चिंता का विषय बन गई है, जहां कर्मचारी और शिक्षार्थी वीजा के लिए प्रतीक्षा समय विशेष रूप से लंबा है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी आव्रजन कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी और बढ़ते आवेदनों की संख्या इस स्थिति के मुख्य कारण हैं। भारतीय आवेदकों को विशेष रूप से कुशल कार्यकर्ता वीजा में पहले से ही वर्षों की प्रतीक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
इस बैकलॉग से न केवल व्यक्तिगत आवेदकों बल्कि अमेरिकी कंपनियों को भी नुकसान हो रहा है, जो विदेशी प्रतिभा पर निर्भर हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति तब तक जारी रहेगी जब तक आव्रजन प्रणाली में संरचनात्मक सुधार नहीं किए जाते।