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अमेरिका का निशाना: इनफोसिस-टीसीएस पर ग्रीन कार्ड मुद्दे पर दबाव
अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय आईटी कंपनियों इनफोसिस और टीसीएस को निशाना बनाया है, हालांकि ये फर्में कुल ग्रीन कार्ड फाइलिंग का 2 प्रतिशत से भी कम हिस्सा दर्ज करती हैं।
LSN India ·

अमेरिकी सरकार ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियों इनफोसिस और टीसीएस पर ध्यान केंद्रित किया है। यह कदम अमेरिकी रोजगार और वीजा नीति से संबंधित बहस के बीच उठाया गया है। हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि ये दोनों भारतीय आईटी फर्में अमेरिका में कुल ग्रीन कार्ड आवेदनों का 2 प्रतिशत से भी कम हिस्सा दाखिल करती हैं।
ग्रीन कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो अमेरिका में स्थायी निवास का अधिकार प्रदान करता है। भारतीय आईटी कंपनियां परंपरागत रूप से अमेरिकी बाजार में विदेशी प्रतिभा लाने के लिए वीजा और आप्रवास मार्गों का उपयोग करती हैं। इनफोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियां अमेरिकी ग्राहकों को आईटी सेवाएं प्रदान करती हैं।
अमेरिकी नीतिनिर्माताओं का मानना है कि कुछ विदेशी कंपनियां अमेरिकी श्रमिकों के लिए नौकरी के अवसरों को प्रभावित कर रही हैं। इसके बावजूद, आंकड़े दर्शाते हैं कि इन दोनों भारतीय फर्मों का ग्रीन कार्ड फाइलिंग में योगदान अपेक्षाकृत सीमित है। यह विरोधाभास अमेरिकी आप्रवास नीति और अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक संबंधों के बीच चल रही तनातनी को दर्शाता है।
इस विकास से भारतीय आईटी उद्योग और अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच संबंध और जटिल हो गए हैं। भारतीय सॉफ्टवेयर फर्मों को अब अपने अमेरिकी संचालन के बारे में अधिक सावधान रहना पड़ सकता है।