Business · India Bureau
अमेरिका-ईरान के बीच यूरेनियम हस्तांतरण पर मसौदा प्रस्ताव
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे वार्ता में एक नए मसौदे का सामने आया है जिसमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम स्टॉक को तीसरे देश को हस्तांतरित करने या उसकी संवर्धन दर को कम करने का प्रस्ताव है। चीन को इस समझौते के गारंटर के रूप में कार्य करने की संभावना है।
LSN India ·

हालिया रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित समझौते में ईरान के उच्च स्तर के समृद्ध यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश को स्थानांतरित करने या फिर इसकी संवर्धन प्रक्रिया को सीमित करने के प्रावधान शामिल हैं। इस प्रस्ताव में सात दिन के अंदर हार्मुज़ जलडमरूमध्य को पुनः खोलने का भी लक्ष्य रखा गया है, जो क्षेत्रीय व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चीन को इस पूरी प्रक्रिया में गारंटर की भूमिका निभाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। यह व्यवस्था दोनों पक्षों के बीच विश्वास बनाने और परमाणु समझौते को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यूरेनियम के स्टॉक को कम करने या हस्तांतरित करने का प्रस्ताव ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतर्राष्ट्रीय नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह समझौता अगर लागू होता है तो दीर्घकालीन राजनयिक तनाव को कम करने में सहायक हो सकता है।
इस प्रस्ताव की प्रस्तुति पिछले कई महीनों की गहन वार्ता के बाद हुई है। यह समझौता क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता लाने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक संभावित मार्ग प्रशस्त कर सकता है।