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ट्रम्प प्रशासन ने UCLA लॉ स्कूल पर जातीय भेदभाव का आरोप लगाया
अमेरिकी न्याय विभाग की जांच में UCLA के कानून स्कूल पर श्वेत और एशियाई-अमेरिकी छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया गया है। प्रशासन का दावा है कि 2023, 2024 और 2025 की भर्ती प्रक्रिया में अश्वेत और हिस्पैनिक आवेदकों को वरीयता दी गई।
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ट्रम्प प्रशासन के न्याय विभाग ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के लॉस एंजिल्स परिसर के कानून स्कूल पर नस्ल-आधारित प्रवेश प्रक्रिया में भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। जांच के अनुसार, संस्थान ने पिछले तीन वर्षों में श्वेत और एशियाई-अमेरिकी आवेदकों के साथ असमान व्यवहार किया है।
न्याय विभाग का आरोप है कि UCLA के लॉ स्कूल की प्रवेश नीति अश्वेत और हिस्पैनिक छात्रों को अन्य समूहों की तुलना में अधिक अवसर प्रदान करती है। इस आरोप में 2023, 2024 और 2025 की आने वाली कक्षाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया शामिल है। सरकारी जांच टीम का निष्कर्ष है कि यह प्रथा संघीय नागरिक अधिकार कानूनों का उल्लंघन करती है।
यह कार्रवाई ट्रम्प प्रशासन की शिक्षा संस्थानों में जातीयता-आधारित प्रवेश नीतियों के विरुद्ध व्यापक अभियान का हिस्सा है। विश्वविद्यालयों में सकारात्मक कार्रवाई की नीतियों को लेकर अमेरिका में लंबे समय से कानूनी और सामाजिक विवाद चल रहा है। UCLA ने अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।