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अमेरिकी बिल: कृत्रिम बुद्धिमत्ता लाभ से मजदूरों को हिस्सेदारी का प्रस्ताव
अमेरिकी कांग्रेस में एक नया विधेयक सप्ताह में कार्य घंटे को 40 से घटाकर 32 करने का प्रस्ताव है। यह कदम कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन से होने वाली उत्पादकता वृद्धि में मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
LSN India ·
अमेरिकी संसद में पेश किए गए एक नए प्रस्ताव में यह तर्क दिया जा रहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन प्रौद्योगिकी से उत्पन्न लाभ को मजदूरों के साथ साझा किया जाना चाहिए। इस विधेयक के तहत, मानक ओवरटाइम की सीमा को धीरे-धीरे 40 घंटे से घटाकर 32 घंटे प्रति सप्ताह किया जाएगा।
प्रस्तावकों का मानना है कि बीते दशकों में तकनीकी प्रगति ने कामगारों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसके बावजूद, मजदूरों के वेतन और कार्य समय में उतनी ही बढ़ोतरी नहीं हुई है। यह विधेयक इस असंतुलन को दूर करने का प्रयास है।
क्रमिक कमी के माध्यम से कार्य सप्ताह को छोटा करने से न केवल कर्मचारियों को अधिक सुस्ता समय मिलेगा, बल्कि स्वचालन से संभावित बेरोजगारी के प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। इस प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि यह कदम आधुनिक अर्थव्यवस्था में मजदूरों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएगा।
वर्तमान में अमेरिका में 40-घंटे का कार्य सप्ताह मानक माना जाता है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो यह कार्य संस्कृति में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा और विश्व के अन्य देशों में भी इसी तरह की बहस का कारण बन सकता है।