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41 साल जेल में रहे आदमी को DNA सबूत के आधार पर जमानत दी गई
यूटा में 1985 के एक हत्या मामले में 41 साल तक मौत की सजा काट रहे डगलस स्टीवर्ट कार्टर को नए DNA साक्ष्य के आधार पर जमानत दी गई है। यूटा सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुलिस की गंभीर कदाचार को स्वीकार किया है।
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यूटा में एक अहम फैसले में, उच्च न्यायालय ने डगलस स्टीवर्ट कार्टर को एवा ओलेसन की हत्या के मामले में जमानत देने का आदेश दिया है। कार्टर को 1985 में इस अपराध के लिए मौत की सजा दी गई थी और वह पिछले 41 वर्षों से कारावास में था। नए DNA साक्ष्य से उसकी निर्दोषता का संकेत मिलता है।
यूटा सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस मामले में पुलिस द्वारा की गई गंभीर कदाचार की स्वीकृति दी है। न्यायालय के फैसले के बाद कार्टर को जमानत पर रिहा करने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, पीड़िता के कुछ परिवार के सदस्यों ने उसकी जमानत को लेकर चिंताएं जताई हैं।
कार्टर के बचाव पक्ष की वकालत टीम 2027 में होने वाली दोबारा सुनवाई में सभी आरोपों को खारिज कराने के लिए प्रयासरत है। विशेषज्ञों को विश्वास है कि नए सबूतों के आधार पर मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। यह मामला न्यायिक प्रणाली में गलत दोषसिद्धि को रोकने की जरूरत को रेखांकित करता है।