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चुनाव सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना की तैनाती, साइबर खतरों से बचाव
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और सेना की साइबर यूनिटें मतदान प्रणाली को हैकिंग प्रयासों से बचाने के लिए तैनात की जा रही हैं। चुनाव बुनियादी ढांचे को 2017 में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के रूप में घोषित किए जाने के बाद संघीय साइबर सुरक्षा सहायता बढ़ी है।
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अमेरिकी सेना के साइबर विभाग चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए अब सीधे तौर पर सहायता प्रदान करेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) और अन्य सैन्य साइबर इकाइयां लंबे समय से मतदान बुनियादी ढांचे की निगरानी और संभावित हैकिंग प्रयासों से इसे बचाने में भूमिका निभाती आई हैं।
2017 में जब चुनाव प्रणाली को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की श्रेणी में रखा गया, तब से संघीय स्तर पर साइबर सुरक्षा समर्थन में वृद्धि हुई है। इस कदम का उद्देश्य मतदान प्रणाली को विदेशी और घरेलू साइबर खतरों से सुरक्षित रखना है।
यह घोषणा मतदान से कुछ हफ्ते पहले की गई है, जब प्रारंभिक मतदान पहले ही शुरू हो चुकी है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव बुनियादी ढांचे के डिजिटल संरक्षण को आधुनिक साइबर खतरों के संदर्भ में लगातार अपडेट किए जाने की आवश्यकता है।
इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान केंद्रों, मतगणना प्रणालियों और अन्य चुनाव संबंधी बुनियादी ढांचे को किसी भी साइबर हमले से बचाया जा सके। सेना की तकनीकी दक्षता और निगरानी क्षमता चुनाव की अखंडता को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।