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अमेरिकी पायलट ने फाइबरग्लास नावों का पुनर्चक्रण कर स्थापित किया नया मानदंड

रोड आइलैंड के एक पायलट ने संघीय अनुदान की मदद से 80 टन फाइबरग्लास नावों का सफल पुनर्चक्रण किया है। यह पहल समुद्री अपशिष्ट प्रबंधन में एक अभिनव कदम माना जा रहा है।

LSN India · 17 September 2026

अमेरिकी पायलट ने फाइबरग्लास नावों का पुनर्चक्रण कर स्थापित किया नया मानदंड

अमेरिका के रोड आइलैंड में एक पायलट प्रकल्प के माध्यम से 80 लघु टन (लगभग 73 मीट्रिक टन) फाइबरग्लास नावों का पुनर्चक्रण किया गया है। यह परियोजना राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (नोआ) द्वारा प्रदान किए गए 1,05,000 डॉलर के अनुदान से संचालित की गई थी।

इस पहल का उद्देश्य समुद्री अपशिष्ट को पुनः उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित करना था। फाइबरग्लास नावें पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करती हैं क्योंकि इन्हें पारंपरिक तरीकों से आसानी से नष्ट नहीं किया जा सकता। इस परियोजना ने दिखाया कि उचित तकनीकी और वित्तीय सहायता से ऐसे अपशिष्ट को प्रभावी ढंग से संभाला जा सकता है।

इस सफल पायलट प्रकल्प से संकेत मिलता है कि समुद्री पर्यटन और नौका निर्माण उद्योग के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए ऐसी पहलें आवश्यक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल को अन्य तटीय क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

सरकारी अनुदान और निजी उद्योग के सहयोग से ऐसी परियोजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती हैं बल्कि पुनर्चक्रण उद्योग को भी प्रोत्साहित करती हैं। इससे जहां एक ओर समुद्री प्रदूषण में कमी आती है, वहीं दूसरी ओर नई रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं।