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अमेरिका में ट्रंप की संसद में कमजोरी, इजराइल में नेतन्याहू का गतिरोध
अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक बदलाव और इजराइली राजनीति में अस्थिरता के बीच ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावनाएं अनिश्चित हो गई हैं। क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं।
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अमेरिकी राजनीति में हुए हालिया बदलावों ने मध्य पूर्व में सैन्य हस्तक्षेप की रणनीति पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप को कांग्रेस में सीमित समर्थन मिलने से किसी भी बड़ी सैन्य कार्रवाई की संभावना कम हो गई है। एक ओर जहां अमेरिकी नेतृत्व अपनी शक्तियों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं इजराइल में भी राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी सरकार को मजबूत करने में असफल साबित हो रहे हैं। संसद में उनके गठबंधन को विभिन्न मुद्दों पर असहमति का सामना करना पड़ रहा है, जिससे किसी भी बड़े सैन्य अभियान पर निर्णय लेना मुश्किल हो गया है। यह राजनीतिक कमजोरी इजराइली सुरक्षा नीति को प्रभावित कर रही है।
इन दोनों स्थितियों का सीधा असर क्षेत्र में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर पड़ा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ महीनों में किसी बड़े संकट की संभावना कम दिख रही है। तथापि, अमेरिका और इजराइल की राजनीतिक अस्थिरता का अर्थ यह भी है कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति अभी भी बनी रह सकती है।
आने वाले समय में दोनों देशों की राजनीतिक स्थिति किस तरह विकसित होती है, इस पर मध्य पूर्व की सुरक्षा परिस्थितियां काफी हद तक निर्भर करेंगी। क्षेत्रीय विश्लेषक इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि क्या ये राजनीतिक बाधाएं दीर्घकालिक युद्ध विराम का कारण बन सकती हैं।