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अमेरिकी निवेश दस साल में तीन गुना बढ़कर 390 अरब डॉलर हुआ
भारतीय प्रतिभूतियों में अमेरिकी निवेश 2015 के 130 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 390 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वैश्विक 30 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत अमेरिकी पोर्टफोलियो निवेश के मामले में 12वें स्थान पर है।
LSN India ·
भारतीय प्रतिभूति बाजारों में अमेरिकी निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पिछले एक दशक में यह निवेश तीन गुना से अधिक बढ़ा है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का संकेत देता है।
2015 में अमेरिकी निवेशकों द्वारा भारतीय प्रतिभूतियों में 130 अरब डॉलर का निवेश किया गया था। इस वर्ष यह आंकड़ा 390 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो भारत को एक महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।
वैश्विक स्तर पर देखें तो अमेरिकी पोर्टफोलियो निवेश के संदर्भ में भारत 30 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की सूची में 12वें स्थान पर है। यह रैंकिंग भारत की अर्थव्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय विश्वास और निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
इस वृद्धि को भारत की स्थिर आर्थिक नीतियों, विकास की संभावनाओं और पूंजी बाजारों में सुधार के कारण माना जा सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में यह सकारात्मक प्रवृत्ति आने वाले वर्षों में और मजबूत होने की उम्मीद है।