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जी20 की तकनीकी बैठक में अमेरिका ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता नियमन में हल्के हाथ का आह्वान किया
अमेरिका ने जी20 की तकनीकी बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर कम से कम सरकारी हस्तक्षेप की वकालत की है। इस दृष्टिकोण का लाभ मुख्य रूप से अमेरिकी एआई कंपनियों को मिलने की संभावना है।
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जी20 के तकनीकी मंच पर अमेरिका ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन के प्रति एक उदार रुख अपनाने का आग्रह किया है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि इस तेजी से बढ़ती प्रौद्योगिकी के विकास में अत्यधिक सरकारी नियंत्रण बाधा बन सकता है।
अमेरिकी立ष्टिकोण बड़े पैमाने पर विश्व के प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों की सोच के अनुरूप है। इन कंपनियों का अधिकांश भाग अमेरिका में केंद्रित है और वे सख्त नियमों से बचना चाहते हैं जो उनके कार्यों को सीमित कर सकते हैं।
यह रुख यूरोप और अन्य क्षेत्रों की कड़ी नियामक नीतियों के विपरीत है, जहां सरकारें एआई की संभावित जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक नियम लागू कर रही हैं। जी20 सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर गहरे मतभेद मौजूद हैं।
भारत समेत विभिन्न देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और सुरक्षा दोनों को संतुलित करने वाली नीति तलाश रहे हैं। आने वाले महीनों में जी20 के अंदर इस विषय पर और गहन विचार-विमर्श की उम्मीद है।