World · India Bureau
सौर पैनलों के नीचे भेड़ों को चराने की अनूठी खेती, 6,500 एकड़ में फैली योजना
अमेरिका के मिनेसोटा में किसानों ने सौर ऊर्जा पार्कों के बीच भेड़ों को चराने का नवीन तरीका अपनाया है। इस तरीके से न केवल जमीन का सदुपयोग हो रहा है, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ रहा है।
LSN India ·

मिनेसोटा के किसान सौर पैनलों के नीचे भेड़ों को पालने की दक्ष पद्धति अपना रहे हैं। इस प्रयोग में लगभग 6,500 एकड़ की विशाल जमीन पर सौर ऊर्जा पार्क के तहत भेड़ों का झुंड चरता है। यह आधुनिक कृषि प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है जो परंपरागत खेती और नवीकरणीय ऊर्जा को एक साथ आगे बढ़ाता है।
इस पद्धति को "शीप-सोलर'' सिस्टम कहा जाता है। भेड़ें सौर पैनलों के नीचे घास चरती हैं, जिससे जमीन के आसपास अनावश्यक पौधों की वृद्धि रुकती है। साथ ही, भेड़ों का प्राकृतिक खाद मिट्टी की उर्वरता को भी बढ़ाता है। इससे सौर ऊर्जा पार्कों की रखरखाव की लागत में भी कमी आती है।
इस संयुक्त प्रणाली से किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल रहा है। भेड़ों का पालन करते हुए वे सौर पैनलों से होने वाली ऊर्जा उत्पादन से भी लाभान्वित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दृष्टिकोण जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्थायी कृषि को बढ़ावा देने का एक प्रभावी तरीका है।
इस योजना की सफलता से अन्य राज्यों और देशों में भी इसी तरह की पहल की संभावना बढ़ गई है। किसानों के लिए यह मॉडल आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो रहा है, जबकि पर्यावरण संरक्षण में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।