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अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रम्प के तीसरे देशों में निर्वासन को मंजूरी दी
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद ट्रम्प प्रशासन तीसरे देशों में लोगों को निर्वासित करने के लिए अधिकृत हो गया है। गोपनीय समझौतों के तहत हजारों लोगों को लाइबेरिया और गुयाना जैसे देशों में भेजा जा चुका है।
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अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रम्प प्रशासन को तीसरे देशों में आप्रवासियों के निर्वासन की नीति को जारी रखने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय विभिन्न गोपनीय अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के तहत लागू की गई प्रक्रिया को वैध ठहराता है।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन के अंतर्गत लगभग 25,000 लोगों को दो दर्जन से अधिक देशों में निर्वासित किया जा चुका है। इन देशों में लाइबेरिया, गुयाना और अन्य क्षेत्रीय राष्ट्र शामिल हैं। इस नीति के तहत निर्वासितों का विशाल बहुमत इन तीसरे देशों में भेजे गए हैं।
इस व्यवस्था के तहत अमेरिका उन आप्रवासियों को सीधे तीसरे देशों में स्थानांतरित करता है, जिन्हें अमेरिकी सीमा पर या अंदर पकड़ा जाता है। यह दृष्टिकोण पारंपरिक निर्वासन प्रक्रियाओं से भिन्न है जहां लोगों को उनके मूल देशों में वापस भेजा जाता है।
इन समझौतों की गोपनीय प्रकृति के कारण पारदर्शिता और जवाबदेही से संबंधित सवाल उठे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इस नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर सकती है।