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कैलिफोर्निया की छात्रा ने दिमाग की चोट के इलाज पर किया अभूतपूर्व शोध
अलेखा गोल्डबर्ग ने 350 फलों की मक्खियों पर प्रयोग करके दिमाग की आघात से संबंधित चोटों के उपचार के लिए एक नई दवा के संभावित लाभों का पता लगाया है। उनका यह शोध थर्मो फिशर साइंटिफिक जूनियर इनोवेटर्स चैलेंज 2026 में फाइनलिस्ट के रूप में स्वीकृति पा चुका है।
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कैलिफोर्निया की एक सातवीं कक्षा की छात्रा ने दिमाग की आघातजन्य चोटों के इलाज के लिए मेथिलीन ब्लू की न्यूरोप्रोटेक्टिव गुणवत्ता पर अभिनव शोध कार्य किया है। अलेखा गोल्डबर्ग का यह प्रयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर के थर्मो फिशर साइंटिफिक जूनियर इनोवेटर्स चैलेंज 2026 में फाइनलिस्ट सूची में शामिल होने का कारण बना है।
गोल्डबर्ग ने अपने शोध में 350 फलों की मक्खियों का उपयोग करके मेथिलीन ब्लू के प्रभावों का अध्ययन किया है। ये प्रयोग मानव के दिमाग की चोटों से संबंधित जीवविज्ञान को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मॉडल प्रणाली साबित हुई हैं।
अध्ययन के परिणामों से यह दिखाई दिया है कि मेथिलीन ब्लू के उपचार के बाद फलों की मक्खियों में आघात के पश्चात चढ़ने की क्षमता और जीवित रहने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। ये निष्कर्ष दिमाग की चोटों के इलाज के लिए नई दवाओं के विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत प्रदान करते हैं।
इस तरह के किशोर शोधकार्य न केवल वैज्ञानिक समुदाय में बल्कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को दर्शाते हैं। गोल्डबर्ग का यह शोध प्रदर्शित करता है कि युवा वैज्ञानिक भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।