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अमेरिकी बांड यील्ड में उछाल, महंगाई की चिंताएं बढ़ीं
अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड इस हफ्ते 5.4 प्रतिशत के करीब पहुंची, जो 2002 के बाद से सबसे ऊंचा स्तर है। तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर रहने से लंबे समय तक महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
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वॉल स्ट्रीट में आई अस्थिरता का असर वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है। अमेरिकी सरकारी 10-साल के बॉन्ड पर यील्ड इस सप्ताह 5.4 प्रतिशत के स्तर को छूती नजर आई, जो पिछले बीस सालों में सबसे बड़ा उछाल है। यह वृद्धि कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में बढ़ते निवेश के बावजूद शेयर बाजारों में तेजी के बीच सामने आई है।
वैश्विक तेल बाजार में भी उथल-पुथल देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड ऑयल प्रति बैरल 100 डॉलर से ऊपर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिससे मुद्रास्फीति दबाव और तेज होने की संभावना बढ़ी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति अगर लंबे समय तक बनी रहे तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती है।
उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह परिस्थिति विशेष चिंता का विषय है। अमेरिकी ब्याज दरों में वृद्धि से विदेशी पूंजी निवेश की दिशा बदल सकती है और स्थानीय मुद्राओं पर दबाव आ सकता है। भारत सहित दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इस विकास पर निगरानी रख रहे हैं।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि केंद्रीय बैंकों को आने वाले महीनों में अपनी नीतिगत निर्णयों में सावधानी बरतनी होगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी कार्रवाइयां विश्वव्यापी वित्तीय बाजारों की गतिविधियों को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकती हैं।