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वित्त वर्ष के दूसरे भाग में सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे ब्याज दर और डॉलर
अप्रैल के बाद से सोने और चांदी में तेज गिरावट आई है, जिसमें सोना 11 प्रतिशत और चांदी 19 प्रतिशत तक डॉलर के मामले में गिरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगामी महीनों में वैश्विक ब्याज दरों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती इन कीमतों का रुख तय करेगी।
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कीमती धातुओं के बाजार में चल रही अनिश्चितता के बीच विश्लेषकों का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दूसरे भाग में सोना और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से वैश्विक ब्याज दर नीति और डॉलर की ताकत पर निर्भर रहेंगी। पिछली तिमाही में दोनों धातुओं में देखी गई तीव्र गिरावट को लेकर बाजार सतर्क है।
अप्रैल के महीने से शुरू होकर सोने की कीमत में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमत में इससे भी अधिक 19 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। यह सुधार डॉलर की बढ़ती ताकत और वैश्विक बाजारों में ब्याज दर संबंधी अनिश्चितता का परिणाम माना जा रहा है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के ब्याज दर संबंधी निर्णय कीमती धातुओं की मांग को प्रभावित करेंगे। मजबूत डॉलर आम तौर पर सोने और चांदी जैसी आयातित कीमती धातुओं को अधिक महंगा बनाता है, जिससे खरीद में कमी आती है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत घोषणाओं पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि ये कारक आने वाले महीनों में कीमती धातुओं के मूल्य निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।