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उत्तर प्रदेश और बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश के औसत से कम
आर्थिक सुधारों के शुरुआती दौर में शीर्ष राज्यों में शुमार पंजाब और महाराष्ट्र अब अपनी रैंकिंग में नीचे खिसक गए हैं।
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भारत के सबसे अधिक आबादी वाले दो राज्य उत्तर प्रदेश और बिहार अपनी प्रति व्यक्ति आय के मामले में अभी भी राष्ट्रीय औसत से पिछड़े हुए हैं। विकास के दशकों बाद भी ये राज्य आर्थिक प्रगति में अन्य प्रमुख राज्यों से काफी पीछे हैं।
एक समय जब देश ने आर्थिक सुधार की दिशा में पहला कदम रखा था, तब पंजाब और महाराष्ट्र शीर्ष पांच सबसे समृद्ध राज्यों में गिने जाते थे। हालांकि, पिछले तीन दशकों में दोनों राज्यों की सापेक्ष स्थिति में गिरावट आई है और वे अपनी पूर्व की प्रतिष्ठित स्थिति बनाए रखने में विफल रहे हैं।
राष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि प्रति व्यक्ति आय के आधार पर राज्यों के बीच आर्थिक असमानता कम होने की जगह बनी हुई है। यह विषमता पूंजी निवेश, बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन विकास में राज्यों के बीच भिन्नता को दर्शाती है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि पिछड़े राज्यों को तेजी से विकास दर हासिल करना है, तो उन्हें औद्योगीकरण, शिक्षा और कौशल विकास में निवेश बढ़ाना होगा। क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।