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जयप्रकाश नारायण सेंटर के निजीकरण पर योगी-अखिलेश में जोरदार टकराव

उत्तर प्रदेश में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के प्रमुख परियोजना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को 30 साल की लीज अवधि के लिए निजी कंपनियों को सौंपने के योगी सरकार के निर्णय को लेकर तीव्र राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ है।

LSN India · 26 August 2026

जयप्रकाश नारायण सेंटर के निजीकरण पर योगी-अखिलेश में जोरदार टकराव

सपा ने योगी आदित्यनाथ सरकार के इस कदम को सार्वजनिक संपत्तियों का विनिवेश करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि यह निर्णय राजनीतिक बदले की कार्रवाई का हिस्सा है और राज्य की महत्वपूर्ण विरासत को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास है। सपा नेतृत्व का मानना है कि केंद्र को इस परियोजना को जन-कल्याण के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संचालित होना चाहिए।

भाजपा सरकार ने इस आरोप को खारिज करते हुए अपने पक्ष में तर्क दिए हैं। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि निजी प्रबंधन से परियोजना का विकास तेजी से होगा और इससे राजस्व वृद्धि होगी। योगी प्रशासन का दावा है कि यह निर्णय पूर्णतः प्रशासनिक और आर्थिक विचारों पर आधारित है।

जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शिक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करने का उद्देश्य रखती है। इस निर्णय के चलते राज्य की राजनीति में तनाव की स्थिति बनी हुई है।