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यूपी में किरायेदारी को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने किरायेदारी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का निर्णय लिया है। नए नियमों के तहत मकान मालिकों और किराएदारों को कम रजिस्ट्रेशन शुल्क का लाभ मिलेगा।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने किराये पर मकान और दुकान लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के किरायेदारी विलेख के लिए नई शुल्क संरचना को मंजूरी दी गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, दस साल तक की अवधि वाले किरायेदारी पत्र या पट्टा विलेख के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित किया गया है। दो लाख रुपये तक की वार्षिक किराये की राशि पर एक हजार रुपये, छह लाख तक के लिए तीन हजार रुपये और दस लाख तक की किराये की रकम पर साढ़े चार हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसी कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें चित्रकूट में ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक की स्थापना, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना, स्मार्ट स्कूल विकास कार्यक्रम और कृषि ऋण योजनाएं शामिल हैं।
अग्निवीर योजना में आरक्षण और पेंशन रिकवरी डिपार्टमेंट के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी मंजूरी दी गई। ये कदम राज्य में सामाजिक सुरक्षा और विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।