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डिजिटल डेटा संरक्षण कानून पर संपादकों से खुली बातचीत चाहते हैं वैष्णव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन ढांचे से प्रेस की आजादी को नुकसान नहीं पहुंचेगा। उन्होंने समाचार माध्यमों के संपादकीय नेतृत्व के साथ सीधी बातचीत का आह्वान किया।

LSN India · 29 October 2026

डिजिटल डेटा संरक्षण कानून पर संपादकों से खुली बातचीत चाहते हैं वैष्णव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को स्पष्ट किया कि सरकार डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) ढांचे के जरिए प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित करने का कोई इरादा नहीं रखती है। उन्होंने पत्रकारिता जगत के नेताओं से इस मुद्दे पर खुली और सार्थक बातचीत के लिए आमंत्रण दिया।

वैष्णव का यह बयान उन चिंताओं के बीच आया है जो समाचार माध्यमों ने डीपीडीपी कानून को लेकर जताई हैं। समाचार संस्थानों को इस बात की चिंता है कि नया डेटा सुरक्षा कानून उनकी खोजी पत्रकारिता और सूचना एकत्र करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि डेटा संरक्षण और प्रेस की आजादी दोनों ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार संपादकों और मीडिया प्रतिनिधियों से सीधे संवाद के लिए तैयार है ताकि सभी पक्षों की चिंताओं को संबोधित किया जा सके।

डीपीडीपी कानून व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। सरकार का कहना है कि यह कानून नागरिकों के डेटा अधिकारों की रक्षा करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में वैध गतिविधियों की अनुमति देगा।