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वीरशैव-लिंगायत समुदाय को अब न्याय की दरकार: खंडरे
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सहयोगी खंडरे ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए काम करने वाले वीरशैव-लिंगायत समुदाय को आज स्वयं को न्याय के लिए प्रयास करने पड़ रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को खेदजनक बताया है।
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कर्नाटक के प्रभावशाली राजनेता खंडरे ने कहा है कि वीरशैव-लिंगायत समुदाय की स्थिति पर चिंता व्यक्त की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह समुदाय ऐतिहासिक रूप से सामाजिक न्याय और समानता के आंदोलन में अग्रणी रहा है। खंडरे के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में इसी समुदाय को अपने अधिकारों के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, जो एक खेदजनक स्थिति है।
खंडरे ने कहा कि सामाजिक न्याय के मूल्यों को बरकरार रखना और उन्हें लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि समुदायों के साथ न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। खंडरे की टिप्पणी वीरशैव-लिंगायत समुदाय से जुड़े विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के संदर्भ में की गई हैं।
यह समुदाय कर्नाटक में काफी प्रभावशाली और जनसंख्या के महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। खंडरे की बातें इशारा करती हैं कि सरकार को इस समुदाय की शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए और उचित समाधान प्रदान करने चाहिए।