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वित्तीय संकट में: कर्ज लेने वालों को वाहन जब्त होने से बचाव के उपाय

जब ऋणदाता जबरदस्ती वाहन की कुर्की करना चाहते हैं, तो उधारकर्ताओं को कानूनी नोटिस जांचने, तुरंत शिकायत दर्ज करने और नीलामी से पहले तत्काल राहत लेने के विकल्प होते हैं।

LSN India · 23 September 2026

वित्तीय संकट में: कर्ज लेने वालों को वाहन जब्त होने से बचाव के उपाय

जब वाहन खरीद के लिए बैंक या वित्तीय संस्थाओं से कर्ज लिया जाता है, तो किश्तें न चुकाने की स्थिति में ऋणदाता वाहन की कुर्की का कदम उठा सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में कर्जदार के पास कई कानूनी विकल्प हैं जिनका उपयोग करके वह अपने हितों की रक्षा कर सकता है।

सबसे पहले, उधारकर्ताओं को सभी कानूनी नोटिसों और कुर्की के रिकॉर्ड का विस्तार से अवलोकन करना चाहिए। बैंक या वित्तीय कंपनी को संपत्ति जब्त करने से पहले आधिकारिक सूचना देनी होती है। यदि कोई गुप्त या बलपूर्वक तरीके से वाहन की कुर्की की जा रही है, तो इसे तुरंत स्थानीय पुलिस और उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को रिपोर्ट करना चाहिए।

वाहन की नीलामी से पहले की अवधि महत्वपूर्ण है। इस दौरान कर्जदार न्यायालय में तत्काल राहत के लिए आवेदन कर सकता है, जिससे कुर्की की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। कुछ मामलों में, ऋणदाता के साथ बातचीत के माध्यम से किश्तों के भुगतान की योजना में संशोधन करना संभव हो सकता है।

भारत में उपभोक्ता संरक्षण कानून ऋणदाताओं को अनुचित या अवैध तरीकों से संपत्ति जब्त करने की अनुमति नहीं देते। बहुत से मामलों में, प्रक्रियात्मक त्रुटियों के कारण कुर्की को चुनौती दी जा सकती है। कानूनी सलाह लेना और अपने दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखना इस प्रकार की स्थितियों में सर्वोत्तम सुरक्षा है।