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चचेरे भाई के मौखिक समझौते को अदालत ने माना वैध, संपत्ति विवाद में महिला को न्याय
कंसास की अदालत ने एक महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है जिसने अपने चचेरे भाई की जमीन खरीदने का मौखिक समझौता किया था। चार साल पुराने इस समझौते को कानूनी मान्यता मिलने से संपत्ति विवाद का अंत हुआ।
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कंसास कोर्ट ऑफ अपील्स ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक मौखिक समझौते को वैध माना है। टिफनी मिलर नाम की महिला ने 2020 में अपने चचेरे भाई से उसके घर और पांच एकड़ जमीन खरीदने का समझौता किया था। हालांकि कोई लिखित दस्तावेज नहीं थे, लेकिन अदालत ने इस मौखिक करार को स्वीकार किया।विवाद तब सामने आया जब मिलर के चचेरे भाई को संपत्ति के लिए 150,000 डॉलर का प्रस्ताव मिला और उन्होंने समझौते से इनकार कर दिया। मिलर ने दावा किया कि उन्होंने करीब चार साल पहले यह संपत्ति खरीदने का मौखिक समझौता कर लिया था। इसके बाद उन्होंने गिरवी भुगतान जारी रखा और संपत्ति की मरम्मत और सुधार के लिए व्यापक निवेश किया।कंसास कोर्ट ऑफ अपील्स ने मिलर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि मौखिक समझौता पर्याप्त था और उसे कानूनी रूप से वैध माना जाएगा। अदालत ने इस बात को महत्व दिया कि मिलर ने संपत्ति के लिए काफी हद तक निवेश और मेहनत की थी। इस फैसले से संपत्ति विवाद का समाधान हुआ और मौखिक समझौतों की कानूनी वैधता को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित हुई।