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निवेशक शंकर शर्मा का आह्वान: LTCG नहीं, बल्कि स्थिर आय पर कर में कटौती चाहिए
प्रमुख निवेशक शंकर शर्मा ने लंबी अवधि की पूंजीगत लाभ कर के आलोचक होने के बाद भी कहा है कि विदेशी निवेशकों के भारत से जाने का कारण यह कर नहीं था। उन्होंने सरकार से स्थिर आय वाले निवेशकों के लिए कर राहत देने का आह्वान किया है।
LSN India ·
भारतीय वित्तीय बाजारों के जानकार शंकर शर्मा ने लंबी अवधि की पूंजीगत लाभ (LTCG) कर पर अपनी आलोचनात्मक रुख को दोहराते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया है। हालांकि वह इस कर के कड़े आलोचक रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) के भारतीय बाजार से पलायन का मुख्य कारण यह नीति नहीं थी।
शर्मा का ध्यान अब एक भिन्न क्षेत्र पर केंद्रित है। उन्होंने माना है कि वर्तमान समय में सबसे महत्वपूर्ण कर राहत की आवश्यकता स्थिर आय वाले निवेशकों को दी जानी चाहिए। यह दृष्टिकोण आमतौर पर प्रचलित विचार से अलग है जहां LTCG कर को ही मुख्य समस्या माना जाता रहा है।
इस विचार में शामिल सांठगांठ के अनुसार, बांड और अन्य निश्चित आय प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को कर संरचना में सुधार की आवश्यकता है। स्थिर आय क्षेत्र में सुधार से न केवल घरेलू निवेशकों को बल्कि भारतीय बाजारों की समग्र वृद्धि को भी लाभ मिल सकता है।
शर्मा का यह सुझाव नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि कर सुधार की रणनीति में विभिन्न निवेशक वर्गों की चिंताओं को संतुलित रूप से संबोधित किया जाना चाहिए। आने वाले बजट सत्र में ऐसे प्रस्तावों पर ध्यान दिया जा सकता है।