World · India Bureau
30 साल की राजनीति के बाद मदन मित्र राजनीति छोड़ने के संकेत दे रहे हैं
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद विद्रोही दल में शामिल हुए मदन मित्र ने राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने का संकेत दिया है। वरिष्ठ नेता ने पार्टी को 'असामाजिक तत्वों का डंपिंग ग्राउंड' कहकर आलोचना की है।
LSN India ·

पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राजनेता मदन मित्र ने तीन दशक की राजनीतिक यात्रा समाप्त करने के संकेत दिए हैं। तृणमूल कांग्रेस की विधानसभा चुनावों में असाधारण प्रदर्शन के बाद पार्टी से अलग हुए मित्र ने पार्टी की कार्यप्रणाली के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है।
मित्र उन कई तृणमूल विधायकों में से हैं जिन्होंने हाल के चुनावों के बाद रितबरत बनर्जी के नेतृत्व में विद्रोही दल में शामिल होने का फैसला किया। इस कदम से पार्टी में आंतरिक विभाजन की स्थिति बनी है।
अपनी आलोचना में मित्र ने तृणमूल कांग्रेस को 'असामाजिक तत्वों का डंपिंग ग्राउंड' की संज्ञा दी है। वरिष्ठ नेता का यह बयान पार्टी के भीतर संघर्ष की गहराई को दर्शाता है।
मित्र की राजनीतिक यात्रा तीन दशकों तक फैली है, जिसमें उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। हाल की घटनाक्रम के बाद उनका राजनीतिक भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।