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महिला अधिकार कार्यकर्ता सोन्या गिल का 70 साल की उम्र में निधन
AIDWA की सह-संस्थापक और ग्रामीण भारत के लिए समर्पित सोन्या गिल का निधन हुआ है। वह दशकों से हाशिए पर रहने वाली महिलाओं के अधिकारों के लिए सक्रिय रहीं।
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प्रख्यात महिला अधिकार कार्यकर्ता सोन्या गिल का 70 साल की उम्र में निधन हो गया है। गिल अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) की प्रमुख नेता थीं और ग्रामीण भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अपने आजीवन कार्य के लिए जानी जाती थीं।
सोन्या गिल पीपल्स आर्काइव ऑफ रूरल इंडिया (PARI) की सह-संस्थापक थीं, जो ग्रामीण समुदायों के इतिहास और अनुभवों को दस्तावेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस पहल के माध्यम से उन्होंने सीमांत वर्गों की महिलाओं की आवाजों को उजागर करने का कार्य किया। उनका मानना था कि ग्रामीण और वंचित समुदायों की महिलाओं की कहानियां राष्ट्रीय आंदोलन का अभिन्न अंग हैं।
गिल के कार्य का केंद्रबिंदु सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिए महिलाओं की लामबंदी रहा है। वह विभिन्न सामूहिक प्रयासों में सक्रिय रहीं जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से संबंधित थे। उनके नेतृत्व में कई पहल साकार हुईं जिन्होंने वंचित समुदायों की महिलाओं को संगठित करने में मदद की।
गिल के योगदान को महिला आंदोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। उनकी विरासत सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिकार समूहों को प्रेरित करती रहेगी। भारतीय लोकतांत्रिक आंदोलन में उनकी भूमिका को स्वीकृति देते हुए विभिन्न संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।