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श्वसन समस्याओं से जूझने वाली नस्लों के लिए ट्रेकिअल स्टेंट का समाधान

चेन्नई में आयोजित कार्यशाला में देशभर के पशुचिकित्सकों को कुत्तों में ट्रेकिअल स्टेंटिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। फ्लूरोस्कोपी-निर्देशित इस अत्याधुनिक प्रक्रिया से कुत्तों की श्वसन समस्याओं में कारगर समाधान मिल सकता है।

LSN India · 27 September 2026

श्वसन समस्याओं से जूझने वाली नस्लों के लिए ट्रेकिअल स्टेंट का समाधान

चेन्नई में आयोजित एक विशेषज्ञ कार्यशाला में भारत के विभिन्न राज्यों से पशुचिकित्सकों को कुत्तों में ट्रेकिअल स्टेंटिंग की आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यशाला उन कुत्तों की नस्लों के लिए विशेष महत्व रखती है जो जन्मजात या अन्य कारणों से श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को फ्लूरोस्कोपी-निर्देशित स्टेंट प्रत्यारोपण की व्यावहारिक प्रशिक्षण दी गई। इसमें मृत पशु नमूनों और जीवित कुत्तों पर वास्तविक प्रक्रिया का प्रदर्शन शामिल था, जिससे पशुचिकित्सकों को इस जटिल प्रक्रिया में निपुणता प्राप्त करने का अवसर मिला।

पग, बुलडॉग और अन्य कई नस्लें जन्मजात रूप से ट्रेकिअल संकुचन की समस्या से ग्रस्त होती हैं। ये समस्याएं श्वसन कठिनाई, व्यायाम असहिष्णुता और गंभीर मामलों में जीवन के लिए खतरा बन सकती हैं। ट्रेकिअल स्टेंट प्रत्यारोपण इन पशुओं के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का एक कारगर तरीका साबित हुआ है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पशु चिकित्सा विज्ञान में न्यूनतम आक्रामक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देश भर के पशुचिकित्सकों में इस तकनीक का प्रसार श्वसन समस्याओं से पीड़ित कुत्तों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में मदद कर सकता है।