LSN News › India

Politics · India Bureau

कानूनी सुधारों के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने का आह्वान

भारत के उपराष्ट्रपति ने कहा है कि सहकारी संघवाद का मतलब हर मामले में एकरूपता नहीं है। उन्होंने राज्यों को अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लचीलापन बनाए रखने पर जोर दिया।

LSN India · 22 October 2026

कानूनी सुधारों के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने का आह्वान

भारत के उप-राष्ट्रपति ने कानूनी सुधारों के क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया है। भारतीय विधि आयोग द्वारा आयोजित 'सहकारी संघवाद और कानूनी सुधार: राष्ट्रीय और राज्य दृष्टिकोण' सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने यह बात कही।

उपराष्ट्रपति के अनुसार, सहकारी संघवाद की अवधारणा का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक विषय पर एकसमान नीतियां लागू की जाएं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संघीय ढांचे के अंतर्गत राज्यों को अपनी विशिष्ट परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप कानूनी सुधार करने की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए।

सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कानूनी ढांचे को बेहतर बनाने के संदर्भ में विभिन्न हितधारकों के विचारों को साझा करने के लिए किया गया है। इस अवसर पर कानूनी क्षेत्र में सुधार की रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय के तंत्र पर विस्तृत चर्चा की गई।

उपराष्ट्रपति की टिप्पणी भारतीय संविधान की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है, जहां राज्यों को स्वायत्तता और लचीलेपन के साथ अपने विधायी क्षेत्रों में काम करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य-विशिष्ष समस्याओं का समाधान सर्वोत्तम तरीके से तब संभव है जब केंद्र और राज्य सहकारिता के साथ काम करें।