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विश्वविद्यालयों में चिकित्सा अनुसंधान विस्तार का आह्वान
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने छात्रों से समाज की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए अपने जीवन को समर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश के पास पर्याप्त संख्या में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्र हैं, अब अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने का समय है।
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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत के विश्वविद्यालयों में चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने छात्रों को समाज की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अपना करियर समर्पित करने के लिए प्रेरित किया।
राधाकृष्णन के अनुसार, देश के पास पर्याप्त संख्या में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के चिकित्सा छात्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नीति निर्माता और शिक्षा संस्थान इस मानव संसाधन को अनुसंधान के क्षेत्र में लगाने पर ध्यान केंद्रित करें।
उपराष्ट्रपति ने जोर दिया कि विश्वविद्यालय स्तर पर चिकित्सा अनुसंधान का विस्तार देश के स्वास्थ्य परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है। वे मानते हैं कि शैक्षणिक संस्थानों को अपने संसाधन और बुनियादी ढांचे को नवाचारी अनुसंधान परियोजनाओं के विकास के लिए उपयोग करना चाहिए।
यह पहल देश के स्वास्थ्यसेवा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नई चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।